1. अनुवाद की प्रक्रिया और प्राविधि

1.1. प्रस्तावना

अनुवाद की परंपरा अत्यंत प्राचीनकाल से चली आ रही है। उससे संबंधित अनेक परिकल्पनाएँ एवं संकल्पनाएँ भी मिलती हैं। इसके पूर्व अनुवाद की परिभाषा पर विचार किया गया। अब अनुवाद प्रक्रिया पर कुछ विचार कर लेना समीचीन होगा। आधुनिक युग में अनुवाद का संबंध मात्र धर्म और साहित्य से ही नहीं रहा, बल्कि अनेक साहित्येतर क्षेत्रों से जुड़ा है। अतः उसकी प्रक्रिया और प्रविधि से संबंधित अवधारणाएँ भी बनती जा रही हैं। हर क्षेत्र विशेष में अनुवाद प्रक्रिया का स्वरूप कुछ बदलता दिखाई देता है। किंतु सम्यक् रूप से समग्र सोच में अंतर नहीं है। प्रस्तुत पाठ में अनुवाद-प्रक्रिया का एक विहंगम अवलोकन किया गया है। साथ-साथ उसके विभिन्न रूपों को भी स्पर्श किया गया है, ताकि प्रविधि संबंधी बोध भी यथा संभव हो जाए। प्रस्तुत पाठ अनुवादक की भूमिका निभानेवाले पाठक को अनुवाद से जुड़ी कुछ तात्विक बातों से परिचय कराता है।