2. साहित्येतर अनुवाद
2.3. विज्ञान के क्षेत्र में अनुवाद
विज्ञान का अर्थ है- विशिष्ट ज्ञान। इस अर्थ में आजकल पदार्थ विज्ञानों, प्राकृतिक विज्ञानों के साथ-साथ सामाजिक अध्ययन को भी विज्ञान कहा जा रहा है, अर्थात् रसायन शास्त्र, भौतिकी, प्राणि विज्ञान, गणित आदि विज्ञान तो हैं ही- अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र आदि को भी विज्ञान ही की कोटि में रखा जा रहा है जबकि इन दोनों प्रकार के विज्ञानों में प्रकृतिगत अंतर है। रसायन शास्त्र के ढंग पर राजनीतिशास्त्र का अध्ययन नहीं किया जा सकता क्योंकि एक का क्षेत्र प्रयोगशाला है तो दूसरे का समाज, फिर भी इन दोनों को विज्ञान इसलिए माना जा रहा है कि दोनों में तथ्यपरक, वस्तुनिष्ठ, कारण-कार्य-क्रम में सीमित प्रविधि का उपयोग किया जाता है। यहाँ हम विज्ञान अर्थात् वैज्ञानिक साहित्य जैसे गणित, भौतिक विज्ञान, प्राणि तक ही अपनी चर्चा को सीमित रखेंगे।
आधुनिक भारत में ज्ञान-विज्ञान और शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ वैज्ञानिक साहित्य के अनुवाद कार्य तेज़ी से हो रहा है। वैज्ञानिक ज्ञान और भाषा-शैली की स्पष्टता और एकार्थता। पारिभाषिक शब्दों का संदर्भानुसार प्रयोग अनुवादक तभी कर सकेगा जब उसे अनूदित विषय अर्थात् स्रोत भाषा पाठ के वर्ण्य विषय का समुचित ज्ञान होगा। उदाहरण के लिए Plant शब्द के दो पर्याय होते हैं- पौधा और संयंत्र ।
अगर वनस्पति विज्ञान का संदर्भ हो तो 'पौधा' अर्थ में प्रयुक्त किया जाएगा और अगर Atomic Plant की बात हो तो 'परमाण्विक संयंत्र' अनुवाद ठीक होगा। भाषा-शैली के अंतर्गत अनुवादक को अनूदित पाठ के लिए उपयुक्त संकेतों, प्रतीकों के साथ-साथ स्पष्ट और सरल वाक्य रचना की भी क्षमता प्राप्त होनी चाहिए। जैसे गणित की पुस्तक में पारिभाषिक शब्द, संकेत, सूत्र, प्रतीक आदि का ज्ञान होते हुए भी अनुवादक को कितना सावधान रहना पड़ता है, इसका उदाहरण डॉ. भोलानाथ तिवारी ने अपनी पुस्तक 'अनुवाद विज्ञान' में इस प्रकार दिया है-
1) मूल वाक्य : A finite point set has no limit points.
विषय से अल्प परिचित या अपरिचित अनुवाद का अनूदित पाठ-
परिमित समुच्चय में सीमाबिंदु नहीं होते ।
सही अनुवाद : परिमित समुच्चय के सीमाबिंदु नहीं होते ।
2) मूल पाठ : Gene Therapy is a new branch of clinical medicine that attempts to apply our recently acquired knowledge of the structure of the genetic material popularly called DNA to treat genetic diseases.
अनुवाद 1: जीन चिकित्सा नैदानिक आयुर्विज्ञान की एक नयी शाखा है, जिसमें वंशानुगत रोगों के उपचार के लिए डी. एन. ए. नामक आनुवंशिक पदार्थ की संरचना के बारे में हाल ही में ज्ञान जानकारी के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है।
अनुवाद 2: जीन वंशानुक्रम गुणों की इकाइयाँ हैं और डी. एन. ए. वह पदार्थ है जिसकी रासायनिक संरचना में वंशक्रम सूचना अंतर्निहित होती है। इस बारे में हाल ही में जो जानकारी मिली है, आनुवंशिक रोगों को ठीक करने में उसके उपयोग की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। इस दिशा में अनुसंधान कार्य हो रहा है कि क्या डी. एन. ए. अणु में स्थित जीनों की संरचना में फेरबदल करने से ऐसे रोगों का उपचार हो सकता है? इस विधि को जीन चिकित्सा कहते हैं और यह नैदानिक आयुर्विज्ञान की एक नयी शाखा है।
इससे भी यह प्रतिपादित होता है कि वैज्ञानिक साहित्य को मूल से प्रतिबद्ध होते हुए भी अनूदित पाठ के पाठक के लिए बोधगम्य और प्रेषणीय होना चाहिए। वैज्ञानिक साहित्य के अनुवाद में अंतर्राष्ट्रीय पारिभाषिक शब्दावली, संकेतों और प्रतीकों का ही प्रयोग किया जाता है।