समापन की आवश्यकताएँ
एक भाषा (स्त्रोत भाषा) (भाषा1, (Source Language) की किसी सामग्री का दूसरी भाषा (लक्ष्य भाषा, भाषा2, Target Language) में रूपांतरण ही ‘अनुवाद’ है। पारिभाषिक शब्दों में कहें तो स्रोत भाषा में प्रस्तुत किसी सामग्री को उसे अर्थ में लक्ष्य भाषा में प्रस्तुत करना अनुवाद है। यह अनुवाद कार्य हिन्दी से भारतीय भाषाओं में (जैसे- तेलुगु, तमिल, मलयालम, गुजराती, उड़िया, बंगाली, पंजाबी आदि में) या भारतीय भाषाओं से हिन्दी में। इसके अलावा अंग्रेजी से हिन्दी, हिन्दी से अंग्रेजी या अन्य विदेशी भाषाओं में (जैसे- जर्मन, रूसी, जापानी आदि)। अनुवाद के इसी विशिष्टता को दूसरे शब्दों में विस्तार दिया जाता है कि अनुवाद मूलभाषा की सामग्री के भावों की रक्षा करते हुए उसे दूसरी भाषा में बदल देना है।