इकाई 2: अनुवाद की प्रक्रिया और प्राविधि
1. अनुवाद की प्रक्रिया और प्राविधि
1.10. ख) मूलमुक्त अनुवाद
क) मूलमुक्त अनुवाद
मूल पाठ से बँधे न रहकर लक्ष्य भाषा की प्रकृति और प्रयोक्ता की आवश्यकता के अनुसार अनुवाद करना ही मूलमुक्त अनुवाद है। इसके अंतर्गत भावानुवाद, छायानुवाद, रूपांतरण, सारानुवाद, व्याख्यानुवाद आदि कई प्रकार होते हैं। मूल मुक्त अनुवाद के संदर्भ में यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई भी अनुवाद पूरी तरह से मूलमुक्त नहीं हो सकता। मूल पाठ का कम या अधिक आधार लेना ही पड़ता है, इस दृष्टि से अनुवाद एक ऐसी प्रक्रिया है, जो रचनात्मक होते हुए भी परिसीमित होती है, क्योंकि अनुवाद मूल पाठ को लक्ष्य भाषा में ले जाने की प्रक्रिया है।